मुजफ्फरपुर, मार्च 27 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। राम का चरित्र ही शिक्षा का उदाहरण है। इसमें त्याग है, तप है, बलिदान है, करुणा है, प्रेम और सौहार्द है, जो हमारे नैतिक मूल्यों का आधार ही नहीं बनाता, बल्कि इसे प्रशस्त भी करता है। ये बातें शुक्रवार को एलएस कॉलेज में भारतीय शिक्षण मंडल, उत्तर बिहार के तत्वावधान में आयोजित स्थापना दिवस समारोह में मुख्य वक्ता डॉ. राजेश्वर प्रसाद सिंह ने कहीं।उन्होंने कहा कि भारतीय पद्धति में शिक्षा का अभिप्राय केवल हुनर सीखना और पैसा कमाना नहीं रहा है। शिक्षा का अर्थ जीवन को उत्तमोत्तम बनाना रहा है। स्थापना दिवस समारोह में शिक्षा में रामत्व विषय पर चर्चा हुई। मुख्य वक्ता धर्म समाज संस्कृत महाविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष एवं साहित्यकार डॉ. राजेश्वर प्रसाद सिंह ने इस क्रम में रामायण में वर्णित प्रसंग...