गंगापार, मार्च 22 -- राम कथा सुनने से मन का शुद्धिकरण होता है। इससे संशय दूर होता है और शांति व मुक्ति मिलती है। आज भगवान श्रीराम के आदर्शों व व्यक्तित्व को उतारने की जरूरत है। ये बातें बहरिया के कटनई गांव में दुर्गा मंदिर पर हो रहे सतचंडी यज्ञ के बाद चौथे दिन श्रीराम कथा में कथा व्यास पंडित रुदेंन्द्र शास्त्री ने कहीं। उन्होंने कहा श्रीरामकथा सिर्फ एक कथा नहीं, बल्कि कर्म, त्याग और भक्ति की त्रिवेणी है। उन्होंने कहा कि प्रभु ने ही मानव शरीर बनाया है। लेकिन पुरुषार्थ मानव का धर्म है।

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