राम कथा में सीता स्वयंबर का आयोजन हुआ
हापुड़, जून 3 -- गंगा नगरी के कृष्ण आश्रम में आयोजित संगीतमयी श्री राम कथा के पांचवे दिन पधारे कथा व्यास अवधेश महाराज ने बताया कि त्रेता युग में पृथ्वी पर राक्षसों का अत्याचार अपने चरम पर था।
त्रेता युग में अत्याचार उस समय मुनी विश्वामित्र अपने यज्ञ की रक्षा करने के उद्देश्य से अयोध्या के राजा दशरथ से उनके पुत्रों राम व लक्ष्मण को मांग कर ले गए। यज्ञ की समाप्ति के बाद विश्वामित्र को जनकपुरी के रास्ते से वापसी आने के समय जनक की पुत्री सीता के स्वयंवर की जानकारी मिली।
मुनी विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा मुनी जी राम व लक्षमण को लेकर स्वयंवर में पधार गए। सीता स्वयंवर में राजा जनक ने घोषणा की कि जो भी योद्धा शिवजी के धनुष को तोड़ देगा उसके साथ सीता का विवाह पक्का कर दिया जाएगा।
राजा जनक की घोषणा स्वयंवर में राजा महाराजाओं के परिचय देने के श्य ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.