राम कथा में भक्ति की धारा, श्रद्धालुओं ने किया अमृतपान
संभल, मई 3 -- श्री गीता सत्संग भवन में चल रही भव्य श्रीराम कथा में चौथे दिन शनिवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा के दौरान श्रद्धालु भगवान राम के जीवन प्रसंगों को सुन भाव-विभोर हो उठे और पूरे परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। जगद्गुरु स्वामी विश्वेश प्रपन्नाचार्य ने कथा का रसपान कराते हुए भगवान की प्राप्ति के गूढ़ रहस्यों को सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने कहा कि भगवान को प्राप्त करना साधारण नहीं, बल्कि असाधारण साधना का परिणाम है। महाराज ने बताया कि भगवान पुत्र रूप में हर किसी को प्राप्त नहीं होते, इसके लिए पूर्व जन्म के संचित पुण्य कर्म आवश्यक होते हैं। उन्होंने मनु और शतरूपा के तप का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि उनके कठोर तप से प्रसन्न होकर भगवान ने उन्हें त्रेता युग में दशरथ और माता कौशल्या के रूप में जन्म लेने क...
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