बक्सर, जून 13 -- भागवत को ही सनातन धर्म का मूल ग्रंथ माना जाने लगा 11 वर्ष 55 दिन के होने पर कंस का वध किया मथुरा में महाराज अग्रसेन को राजगद्दी पर बैठाया बक्सर, हमारे संवाददाता। सर्वजन कल्याण सेवा समिति सिद्धाश्रम धाम में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन हो रहा है। कथा वाचन पौराणिक महाराज कर रहे है। यह भी पढ़ें- रास लीला और रुक्मणी विवाह पर झूमते रहे श्रद्धालुकथा का महत्व कथा के छठवें दिन पौराणिक महाराज ने कहा कि जैसे रामायण श्रीराम का विग्रह है वैसे ही श्रीमद्भागवत श्रीकृष्ण की प्रतिमा है l जब भगवान श्रीकृष्ण इस धारा को छोड़कर जाने को हुए तब उद्धवजी ने प्रार्थना की। कहा कि प्रभु आपके चले जाने पर संत एवं भक्तजन किसके आश्रय में रहेंगे। तब भगवान वासुदेव उद्धवजी को देते देखते-देखते श्रीमद्भागवत महapurाण में समाविष्ट होकर बोले हे मित्र उद्धव मैं अब...