लखनऊ, मार्च 22 -- लोहिया संस्थान में हुआ राम जन्मोत्सव: रामायण के संदर्भ में अंतर्विषयी अनुसंधान सम्मेलन लखनऊ, कार्यालय संवाददातारामायण के आदर्श आज भी समाज में नैतिकता, नेतृत्व क्षमता और कर्तव्यनिष्ठा को मजबूत करने में बेहद प्रासंगिक हैं। रामायण को सिर्फ धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन के मार्गदर्शक के रूप में प्रस्तुत किया। युवा पीढ़ी अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े। यही उन्हें सही दिशा और पहचान देती है। ये बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अवध प्रांत प्रचारक कौशल जी ने लोहिया संस्थान में आयोजित दो दिवसीय राम जन्मोत्सव: रामायण के संदर्भ में अंतर्विषयी अनुसंधान पर राष्ट्रीय सम्मेलन में कहीं।उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने आदर्श चरित्र से जीवन के प्रत्येक सामाजिक दायित्व का निर्वहन कठिन से कठिन परिस्थितियों में किया। यदि चिकित्सा समेत ...