रामायण काल से जुड़ा है बाबा ईशाननाथ मंदिर दमामी धाम का इतिहास
सीतामढ़ी, अगस्त 2 -- उतम चन्द्र वर्मा सीतामढ़ी। बेलसंड क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध बाबा ईशाननाथ मंदिर, दमामी धाम का इतिहास रामायण काल से जुड़ा बताया जाता है। सावन माह में यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। जिले के विभिन्न प्रखंडों के अलावा पड़ोसी जिलों और नेपाल से भी बड़ी संख्या में भक्त जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। दमामी धाम बाबा ईशाननाथ के 70 वर्षीय महंत चितरंजन गिरी ने बताया कि धाम के चारों दिशाओं से बागमती, लक्ष्मणा और मनुषमरा नदी गुजरती है। इसी कारण लोग इसे जिले का काशी (बनारस) भी कहते हैं। उन्होंने बताया कि बाबा ईशाननाथ धाम का उल्लेख साहित्यकार एवं इतिहासकार डॉ. लोकेश शरण की पुस्तक 'इतिहास के आइने में बेलसंड : सीतामढ़ी' तथा रामनिवास शर्मा की पुस्तक 'दमामी धाम : एक परिचय' में मिलता है। यह भी पढ़ें- Buxar News: लाखनडिहरा के बाबा नर्मदेश्वर ...
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