सोनभद्र, मार्च 21 -- ​बीजपुर,हिंदुस्तान संवाद। स्थानीय दुधहिया देवी मंदिर के प्रांगण में आयोजित नौ दिवसीय भव्य श्रीराम कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। कथा व्यास राम मोहन दास रामायणी ने अपनी अमृतमयी वाणी से भक्तों को भावविभोर कर दिया। ​कथा वाचक ने उत्तर प्रदेश की पावन धरती और त्रिवेणी संगम की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान राम की जन्मस्थली होना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने जोर देकर कहा रामायण केवल एक ग्रंथ नहीं बल्कि हृदय परिवर्तन करने वाली कथा है। उन्होंने कहा कि ​सुख और दुख हमारे कर्मों पर आधारित हैं।अच्छे और बुरे कर्मों का फल निश्चित मिलता है। माता सती के प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे एक झूठ के कारण उन्हें वर्षों तक तपस्या करनी पड़ी। उन्होंने गृहस्थ जीवन में आपसी विश्वास और सत्य की महत्...