हरिद्वार, सितम्बर 18 -- हरिद्वार। रामलीला कमेटी के मंचन पर बुधवार की रात कैलाश लीला, रावण अत्याचार एवं वेदवती संवाद का मंचन किया गया। लीला का शुभारंभ रावण, कुंभकरण तथा विभीषण की तपस्या से हुआ। ब्रह्मा जी का वरदान पाकर रावण ने अत्याचार आरंभ कर दिए और कई देवताओं को बंदी बना लिया इतना ही नहीं रावण ने कैलाश पर्वत से गुजरते हुए भगवान शंकर का भी अपमान किया शिवगण नंदी ने रावण का कड़ा विरोध किया। नंदी ने रावण को ऐसा आईना दिखाया कि उसे भगवान शंकर से क्षमा मांगने पड़ी। रावण का अहंकार लगातार बढ़ता गया और भगवान विष्णु को वर प्राप्त करने के लिए तपस्या कर रही ऋषि कन्या वेदवती का भी रावण ने तप भंग कर दिया।
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