हमीरपुर, दिसम्बर 9 -- मौदहा, संवाददाता। इचौली स्थित मढ़ली मॉई मन्दिर प्रांगण में चल रहे 31 शतचंडी महायज्ञ में अंतिम दिन रामलीला महोत्सव में सोमवार को धनुष यज्ञ और लक्ष्मण-परशुराम संवाद का जीवंत मंचन किया गया। रात भर चले मंचन में परशुराम-लक्ष्मण के ऊंचे स्वर गाँव में गूंजते रहे। रामलीला मंडली चित्रकूट के कलाकारों ने रामलीला मंचन की शुरुआत से पूर्व भारत माता गीत गाकर झांकी पेश की। उसे देखकर दर्शक मोहित हो गये। कार्यक्रम में माता सीता के स्वयंवर की तैयारी शुरू हो गयी। राजा जनक ने दूर दूर के राजाओं को आमंत्रण दिया। राजा महाराजाओं ने भागीदारी कर सीता माता के साथ विवाह करने की इच्छा जाहिर की। लेकिन माता से विवाह करने के लिए कोई भी राजा, महाराजा शिव धनुष को हिला नहीं सका। गुरु की आज्ञा लेने के बाद भगवान श्रीराम ने जैसे ही धनुष तोड़ा वैसे ही रामलील...
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