मोतिहारी, मई 14 -- मोतिहारी, हिप्र.। मोतिहारी की जीवनरेखा राम रेखा नहर पर माफियाओं ने कब्जे का जाल बिछा दिया है। ब्रिटिशकालीन रामरेखा नहर आज अतिक्रमण के मलबे में दम तोड़ रही है। जिस नहर से मोतीझील जिंदा थी, उसी पर अब पक्के मकान और दुकानें खड़ी हो गयी हैं। पानी का रास्ता बंद, और शहर बाढ़ व जलसंकट के मुहाने पर खड़ा हो गया है। ये सिर्फ नहर नहीं, 3 लाख मोतिहारी वालों का भविष्य है। अगर रामरेखा नहीं बची तो मोतीझील सूखेगी, बूढ़ी गंडक उफनेगी, और पूरा शहर डूबेगा। रामरेखा नहर के बचाव को लेकर जिला प्रशासन अभियान चलायेगी। एडीएम मुकेश कुमार सिन्हा ने बताया कि सबंधित सीओ को निर्देश दिया गया है कि अतिक्रमणकारियो को चिन्हित करें। पहले उन्हें नोटिस भेजे। स्वंय अतिक्रमण हटाया तो ठीक है नहीं तो बल पूर्वक अतिक्रमण खाली कराया जायेगा और वैसे लोगों से जुर्माना ...