वाराणसी, अगस्त 7 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। श्रीराम धर्म, न्याय और करुणा के आधार पर राज्य का संचालन करते थे। स्त्रियां सुरक्षित और सम्मानित थीं। लोक कल्याण शासन का सर्वोच्च उद्देश्य था। ये बातें पातालपुरी पीठाधश्वर जगद्गुरु बालकदेवाचार्य ने कहीं। वह पातालपुरी सनातन धर्म रक्षा परिषद एवं विशाल भारत संस्थान की ओर से दारानगर स्थित पातालपुरी मठ में आयोजित श्रीराम परिवार गाथा सम्मेलन के अंतिम दिन गुरुवार को संबोधन कर रहे थे।

सम्मेलन का उद्देश्य उन्होंने कहा कि वाल्मीकि रामायण में लिखा है कि राम के राजा बनते ही उनके राज्य में अकाल मृत्यु का क्रम पूरी तरह ठहर गया। लोग सत्यवादी और धर्मनिष्ठ थे। समय पर वर्षा होती थी। रोग, भय अन्याय का अभाव था। राज्य में सुख, शांति और समृद्धि थी। इसलिए दुनियाभर के लिए रामराज ही आदर्श बना।

मुख्य अतिथि का विचार मु...