रामराज्य पट्टाभिषेक में पवनपुत्र की यशोगाथा
वाराणसी, मार्च 25 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। काशी के मानसरोवर तीर्थ क्षेत्र में चल रहे रामराज्य पट्टाभिषेक महोत्सव के छठे दिन की विशिष्ट आहुतियां पवन पुत्र हनुमानजी की यशोगाथा को समर्पित रहीं। पट्टाभिषेक अनुष्ठान के समानांतर रामालय मंडप भी वाल्मीकि रामायण के सुंदरकांड के सुंदर श्लोकों के घोष से गूंजता रहा। यज्ञ महोत्सव के मुख्य आचार्य उलिमिरी सोमयाजुलू ने बताया कि वाल्मीकि रामायण के इस सर्ग विशेष में सब कुछ सुंदर-सुंदर है। अतएव इस सर्ग का नामकरण भी महर्षि वाल्मीकि ने सुंदरकांड ही कर दिया है। उदाहरण देते हुए बताया कि सीता माता की खोज में निकले हनुमान ने अशोक वाटिका में अशोक वृक्ष पर बैठे-बैठे जानकी को विश्वास दिलाने के लिए राम के सौंदर्य का जो नख-शिख वर्णन किया उससे बड़ा सुंदर त्रैलोक्य में भला और क्या हो सकता है। कपि की शूरवीरता से रोम...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.