सिमडेगा, मार्च 28 -- सिमडेगा। कभी-कभी खबरें सिर्फ खबर नहीं होतीं, वो एक आईना होती हैं। सिमडेगा से रामनवमी के मौके पर आई कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जो बताती है कि देश की असली ताकत लोगों के दिलों में बसता है। शुक्रवार को रामनवमी शोभायात्रा के दौरान माहौल पूरी तरह प्रभु श्रीराम की भक्ति में डूबा था। जयकारों की गूंज थी, उत्साह की लहर थी और आस्था का रंग ऐसा गाढ़ा था कि हर चेहरा मानो भक्ति में रंगा हुआ नजर आ रहा था। लेकिन असली कहानी तब शुरू हुई, जब जुलूस शाम को हारून रशीद चौक पहुंचा। अचानक तेज हवा चली और महावीरी पताका डगमगाने लगी। यह वो पल था जहां अक्सर कहानियां बदल जाती हैं। जैसे ही पताका हिली वहां मौजूद हिंदू और मुस्लिम युवाओं ने बिना एक पल गंवाए उसे संभाल लिया। यह सिर्फ एक झंडा थामना नहीं था। यह उस सोच को थामना था जो आजकल जरा सी हवा में डगमगा ज...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.