बाराबंकी, मार्च 25 -- सआदतगंज। गांवों को खुले में शौच मुक्त कराने के उद्देश्य से सरकार ने सामुदायिक शौचालयों पर लाखों रुपये खर्च किए हैं, लेकिन शौचालय निष्प्रयोज्य साबित हो रहे हैं। कभी देर से तो कभी पूरा दिन इनका ताला नहीं खुलता। रामनगर ब्लाक अंतर्गत विभिन्न पंचायतों में लाखों रूपए व्यय कर सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। गांव में गठित स्वयं सहायता समूह को इनके संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं पंचायती राज विभाग ने शौचालयों की साफ-सफाई के साथ ही उनके खोले जाने व बंद करने का समय निर्धारित किया है, लेकिन देखरेख के अभाव में स्वयं सहायता समूह नियम का पालन नहीं कर रहें हैं। जिससे ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। मलौली गांव में प्राथमिक विद्यालय के पास बने सामुदायिक शौचालय में अक्सर ताला लटका रहता है। यह कब खुलता व बंद होता इस...
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