रामचरितमानस समाज व परिवार की आचार संहिता
ललितपुर, अगस्त 21 -- तालबेहट। गोस्वामी तुलसीदास जी सिर्फ मानव मात्र नहीं बल्कि एक चिंतन थे। वर्तमान, भूत व भविष्य के कुशल दृष्टा संग वह ऐसा आध्यात्म भी थे, जिसका विशलेषण युगों तक सम्पूर्ण मानव करता रहेगा। बुंदेलखंड सरस साहित्य संगम संस्था की ओर से गोस्वामी तुलसीदास जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में नेमवि प्राचार्य डा. ओमप्रकाश शास्त्री ने यह विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में मौजूद डा. रामसेवक पाठक हरिकिंकर ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास रचित रामचरितमानस परिवार और समाज की आचार संहिता है। जिसमें पिता, माता, पुत्र, भाई, पत्नी, बहन, सखा आदि के रिश्तों का भाव भी समाहित है। एक वचन के लिए राजपाट त्यागने का उदाहरण शामिल है। यह भी पढ़ें- Begusarai News: मध्य विद्यालय महाजी में मनाई गई गोस्वामी तुलसीदास जयंती सबरी के बेर खाने से लेकर निषाद राज से संबंध का ...
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