रुडकी, दिसम्बर 22 -- कस्बे के प्राचीन नंदा वाला बाग शिव मंदिर में सोमवार को रामकथा का शुभारंभ किया गया। जिसमें कथा वाचक विपिन आनंद महाराज ने रामचरितमानस के माध्यम से पारिवारिक आदर्शों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस में माता-पिता, भाई-बहन, पति-पत्नी के रिश्तों को निभाने की श्रेष्ठ सीख मिलती है। भगवान श्रीराम ने पिता दशरथ के वचन की मर्यादा रखते हुए 14 वर्ष का वनवास सहर्ष स्वीकार किया, वहीं माता सीता ने पत्नी धर्म निभाते हुए उनके साथ वनगमन किया। कथा वाचक ने लक्ष्मण, भरत के भ्रातृ धर्म, केवट प्रसंग तथा अशोक वाटिका में माता सीता के धैर्य और आत्मविश्वास का भी मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि इन्हीं गुणों के कारण श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। समापन पर पंडित अमि...
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