रामचरितमानस नवनीत है तो रामायण तथागत: प्रो. विंध्यवासिनी
रांची, अगस्त 19 -- रांची, विशेष संवाददाता। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) के स्नातकोत्तर हिंदी विभाग में बुधवार को तुलसी जयंती समारोह के तहत विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता आरयू के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं मानविकी के पूर्व डीन प्रो. विंध्यवासिनी नंदन पांडेय ने तुलसी साहित्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि साहित्य और भक्ति के क्षेत्र में रामायण तथागत है तो रामचरितमानस नवनीत है। उन्होंने तुलसीदास की रचनाओं को कालजयी बताया, जो मनुष्य को सजग करती हैं। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. जिंदर सिंह मुंडा ने कहा कि तुलसीदास लोकमंगल के कवि हैं, जिनकी भक्ति का मुख्य उद्देश्य व्यक्तिगत मोक्ष नहीं बल्कि लोक कल्याण है। यह भी पढ़ें- तुलसी जयंती पर हिंदी विभाग में सुंदरकांड का संगीतमय सस्वर पाठ वहीं, सहायक प्राध्यापक डॉ. जीतेंद्र सिंह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.