रामचरितमानस की भावपूर्ण व्याख्या पर श्रोता भावविभोर
गंगापार, मार्च 31 -- कौंधियारा/करछना, हिंस। क्षेत्र के जैमा भगनपुर स्थित एमपीएसएस कांवेंट स्कूल परिसर में चल रही सात दिवसीय रामकथा के चौथे दिन अयोध्या धाम से पधारे कथा व्यास उमेशाचार्य ने रामचरितमानस की भावपूर्ण व्याख्या कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि भगवान राम की कृपा पाने के लिए जीवन में चरित्र, सत्य, मर्यादा और समरसता को अपनाना आवश्यक है।कथा के दौरान राम-सुग्रीव मित्रता, हनुमान द्वारा सीता खोज तथा अंगद-रावण संवाद जैसे प्रसंगों का मार्मिक वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावुक हो उठे। आयोजक डॉ. राजेश कुमार शर्मा ने माल्यार्पण कर राम के आदर्शों को जीवन में उतारने का आह्वान किया। आरती व प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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