हापुड़, जून 29 -- मोहल्ला छिद्दापुरी में हरेंद्र सिंह चौहान के आवास पर आयोजित रामचरितमानस पाठ में रविवार को कथा व्यास रामकेश सिंह तोमर ने अयोध्या कांड की पूर्णाहुति के बाद अरण्य कांड का शुभारंभ कराया। कथा के दौरान उन्होंने इंद्र पुत्र जयंत के प्रसंग का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि जयंत को राम और माता सीता के दिव्य स्वरूप पर संदेह हुआ। उनकी परीक्षा लेने के लिए उसने कौए का रूप धारण कर माता सीता के चरण में चोंच मारी। इस पर राम ने बिना फल वाला एक बाण छोड़ा, जिससे भयभीत होकर जयंत पूरे ब्रह्मांड में शरण मांगता रहा। अंत में भगवान शिव के परामर्श पर वह राम के चरणों में पहुंचा, जहां उसे क्षमा प्राप्त हुई। कथा में यजमान हरेंद्र सिंह चौहान, चंचल चौहान, सरिता चौहान, राधिका चौहान, निर्मला तोमर, शिवम चौहान, सुधीर गोयल, अखिलेश मित्तल, अजय गोयल, वीर...