रामकाज के लिए ही अवतरित हुए हनुमान
वाराणसी, अप्रैल 6 -- वाराणसी, संवाददाता। श्रीसंकटमोचन मंदिर में हनुमत जयंती के अवसर पर चल रहे तीन दिवसीय सार्वभौम रामायण सम्मेलन के तीसरे दिन रविवार को देशभर के कई विख्यात कथाव्यास ने हनुमत महिमा का बखान किया। प्रख्यात कथा मर्मज्ञ डॉ. भारत भूषण पांडेय ने कहा कि जिसका कोई नहीं होता उसके परमात्मा होते हैं। डॉ. पांडेय ने कहा कि यही कारण है कि भगवान दीनबंधु कहे गए। हनुमत चरित्र की व्याख्या करते हुए कहा कि श्रीराम चरित मानस के सुंदरकांड में हनुमानजी की महिमा का बखान है। उन्होंने रामकाज के लिए ही अवतार लिया है। उनकी भक्ति और समर्पण को सभी भक्तों को जीवन में उतारने की सीख लेनी चाहिए। पं.चंद्रकांत चतुर्वेदी ने कहा कि श्रीराम चरित मानस में भरत और हनुमानजी जैसा भक्त वत्सल चरित्र मिलना मुश्किल है। द्वापर में कृष्ण के प्रति जो भाव गोपियों का रहा, वही...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.