हल्द्वानी, मार्च 27 -- हल्द्वानी, संवाददाता जगदंबा मंदिर के 41वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर आयोजित रामकथा के आठवें दिन श्रद्धालुओं ने भगवान राम के लंका प्रवेश, रावण वध और अयोध्या में राज्याभिषेक तक की कथा सुनकर भाव विभोर हो उठे। ब्यास डॉ. मनोज पांडे ने नल नील के सहयोग से कथा का सजीव वर्णन किया।ब्यास मनोज पांडे ने कहा कि अभिमान रूपी रावण पर विजय पाने के लिए श्रद्धा से राम नाम का जाप करना चाहिए। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि लंका में प्रवेश के बाद राम जी ने युद्ध से पूर्व अंगद को दूत के रूप में भेजा, लेकिन रावण ने अंगद का प्रस्ताव ठुकरा दिया और विभीषण को दुत्कार कर धर्म की अवहेलना की। मेघनाद के साथ युद्ध में लक्ष्मण की चोट और भगवान हनुमान की ओर से संजीवनी लाने की कथा, रावण की नाभि में तीर लगने और सीता के साथ भगवान राम की अयोध्या वापसी का वर्...