हल्द्वानी, मार्च 22 -- हल्द्वानी। जगदम्बा मंदिर के 41वें वार्षिकोत्सव पर आयोजित रामकथा के तीसरे दिन व्यास डॉ. मनोज पाण्डे ने ताड़का, मारीच व सुबाहु वध का सजीव वर्णन किया। रविवार को उन्होंने गंगा और गोमाता की महिमा बताते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम का जीवन कठिन परिस्थितियों में भी नैतिकता की सीख देता है। कथा में अहिल्या उद्धार और धनुष यज्ञ के प्रसंगों ने भक्तों को भाव-विभोर कर दिया। इससे पूर्व डॉ. भुवन चंद्र त्रिपाठी के संरक्षण में यज्ञाचार्य खष्टीबल्लभ पाठक ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-पूजन संपन्न कराया। मुख्य यजमान विमल पाण्डे व अन्य यजमानों ने आहुतियां दीं। आयोजन में मंदिर समिति के अध्यक्ष उमेश पाण्डे, सचिव विनोद पाण्डे सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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