गढ़वा, मार्च 26 -- फोटो संख्या दो: नरगिर आश्रम में आयोजित रामकथा सुनने उमड़े श्रद्धालु गढ़वा, प्रतिनिधि। चैत्र नवरात्र पर नरगिर आश्रम में चल रहे नवाह्न परायण सह रामकथा अमृत वर्षा कार्यक्रम मे अयोध्या के कथावाचक पूज्य संत बालस्वामी प्रपन्नाचार्य ने सातवें दिन की कथा में कई मार्मिक प्रसंगों की व्याख्या कर श्रोताओं को भावुक कर दिया। रामकथा त्याग प्रेम बलिदान और समर्पण की कथा है। केवट मल्लाह जाति का अनपढ़ व्यक्ति था लेकिन अपने स्नेह व प्रेम से परम ब्रह्म को अपनी बात मनवाने पर विवश कर दिया।केवट भगवान श्रीराम की चरण-सेवा करना चाहता था, इसलिए उसने हठ किया कि जब तक प्रभु पैर नहीं धुलवाएंगे, वह नाव में नहीं बिठाएगा। उसने कहा प्रभु आपके चरणों की धूल में नारी बनने की शक्ति है। मेरी नाव काठ की है, कहीं यह भी नारी न बन जाए। मेरी जीविका इसी नाव से चलती ...
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