सीवान, अप्रैल 24 -- मैरवा, एक संवाददाता। परसिया बुजुर्ग में आयोजित सात दिवसीय श्री राम कथा के चौथे दिन प्रकाश जी महाराज ने प्रभु श्री राम के किष्किंधा कांड और सुंदरकांड के मिलन बिंदु या भक्ति के बारे में बताया। कहा ​कि श्री राम सुग्रीव को निर्भय करते हैं और अत्याचारी बाली का वध कर सुग्रीव को किष्किंधा का राज्य सौंपते हैं। इसके बाद वर्षा ऋतु का वर्णन आता है, जहाँ श्री राम लक्ष्मण जी को नीति और भक्ति का उपदेश देते हैं। कथा के दौरान प्रभु श्री रामचंद्र जी की अनुपम और दिव्य लीलाओं का रसपान कराया।।इस दौरान समूचा क्षेत्र जय श्री राम के जयघोष से गुंजायमान रहा। उन्होंने बताया कि ​राम शब्द केवल दो अक्षरों का मेल नहीं है. रा का अर्थ है प्रकाश और म का अर्थ है हमारे भीतर. जो हमारे अंतर्मन के अंधकार को मिटाकर ज्ञान का प्रकाश फैला देने वाला राम है। ​मह...