बक्सर, जून 8 -- युवा के लिए ----- संगोष्ठी 2011 से 2014 तक पुरातत्व निदेशालय ने कराया था पुरातात्विक उत्खनन 04 से 5 हजार पूर्व सभ्यता का प्रमाण है मिलीं रामायण आधारित मृण्मूर्तियां फोटो संख्या-12, कैप्सन- रविवार को सीताराम संग्रहालय में नगर परिषद चेयरमैन कमरुन निशा व अन्य। बक्सर, निज संवाददाता। कला संस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा उत्खनित दुर्लभ मृण्मूर्तियों से भारतीय कला इतिहास का नया अध्याय जुड़ सकेगा। ये बातें सीताराम उपाध्याय संग्रहालय में चौसागढ़ मृण्मूर्ति दीर्घा के लोकार्पण समारोह के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए राज्यसभा के पूर्व सदस्य नागेन्द्रनाथ ओझा ने कही। श्री ओझा के अनुसार प्राचीन मूर्तियां बनाने वाले कुशल शिल्पियों के जीवन शैली उनके रहन-सहन एवं कार्यकलापों पर भी अनुसंधान होना चाहिए। रामकथा पर आधारित चौसागढ़ मृण...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.