उरई, नवम्बर 23 -- जालौन। उदोतपुरा स्थित हनुमान मंदिर परिसर में नौ दिवसीय रामकथा महोत्सव के सातवें दिन कथा वाचक शास्त्री अमरदीप अवस्थी ने सीता की खोज और रावण अंगद संवाद वर्णन किया। शास्त्री अमरदीप अवस्थी ने बताया सीता हरण के बाद भगवान श्रीराम और लक्ष्मण का वन-वन भटकना केवल खोज का प्रसंग नहीं, बल्कि पति, पत्नी के पवित्र बंधन और धर्म की रक्षा का प्रतीक है। श्रीराम का सीताजी के प्रति समर्पण और विरह व्यथा सुनकर अनेक भक्तों की आंखें नम हो गईं। वाचक ने कहा कि सीता खोज के दौरान राम, लक्ष्मण का हर कदम मानव जीवन को दृढ़ संकल्प का संदेश देता है कि कठिन परिस्थितियों में भी आशा और कर्तव्य का त्याग नहीं करना चाहिए। कहा जब वानर सेना की ओर से दूत बन अंगद रावण की सभा में पहुंचे, तो शब्द चेतावनी नहीं थे, बल्कि धर्म की अंतिम पुकार थे। अंगद ने रावण को समझाया ...
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