हल्द्वानी, जनवरी 4 -- हल्द्वानी। रानीबाग में गौला नदी तट पर लगने वाले ऐतिहासिक उत्तरायणी मेले को लेकर मेला समिति गठित करने की मांग उठी है। पुराणों में वर्णित यह स्थल कत्युरी वंशजों से जुड़ा है। बागेश्वर के बाद कुमाऊं में इस मेले का विशेष महत्व है, लेकिन चार-पांच दशक पहले तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों व झूलों से गुलजार रहने वाला मेला अब औपचारिकता मात्र बनकर रह गया है। यहां न तो कोई मेला समिति है और न ही प्रशासन से आर्थिक सहयोग मिलता है। स्थानीय शिक्षक एवं सामाजिक कार्यकर्ता दीपक नौगांई ने जिलाधिकारी नैनीताल व महापौर से अपील की है कि जनप्रतिनिधियों व बुद्धिजीवियों को साथ लेकर मेला समिति गठित की जाए, ताकि मेला बेहतर ढंग से आयोजित हो और श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिल सकें।
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