बुलंदशहर, मई 2 -- जहांगीराबाद के एक फॉर्म हाउस में श्रीराधारमण लाल का 484वां प्राकट्योत्सव बड़े ही भव्य और आध्यात्मिक माहौल में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पूरे परिसर में "राधे-राधे" की गूंज और भक्ति रस की अविरल धारा बहती नजर आई। कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुई, जिसके बाद भजन-कीर्तन का दौर देर रात तक चलता रहा। बृज क्षेत्र से पधारे रसिकों ने अपने मधुर भजनों से ऐसा समां बांधा कि श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे। मंच को रंग बिरंगे फूलों से सजाया गया। राधारमण लाल का भव्य श्रृंगार देखकर भक्त निहाल होते रहे। वृंदावन से पधारे भक्तमाली नवनीत प्रिय दास, निकुंज देव, नीरव शर्मा, ध्रुव लाड़ला, और अवधेश कौशिक सहित अन्य रसिक बन्धुओं ने अपनी भक्ति प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को ऊंचाई प्रदान की। यह भी पढ़ें- ठाकुर राधारमण देव जू का...
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