मथुरा, मार्च 3 -- मथुरा, होलिका की धधकती आग से भक्त प्रहलाद के सकुशल बच निकलने के पौराणिक घटनाक्रम से जुड़ा होलिका दहन बीती रात अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग समय पर हुआ। इससे पूर्व लोगों ने देर रात तक परिवार के साथ होलिका का पूजन किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी धूम रही। कई जगह सुबह तक होलिका दहन किया गया। परंतु, चन्द्र ग्रहण के चलते होलिका दहन के बाद रंग-गुलाल की होली नहीं हुई। महानगर में होलिका दहन के लिए करीब 600 स्थानों पर होलिका स्थापित की गयी थीं। सोमवार को लोगों ने परिवार सहित होलिका का पूजन किया। होलिका दहन स्थलों पर लकड़ियों, कण्डों, होली, प्रहलाद, भगवान प्रतिमाएं पूजी गईं। जगह-जगह मिलनोत्सवों में मस्ती धमाल किया गया। मुहूर्त के अनुसार घर की तथा सार्वजनिक स्थल पर पहुंचकर होलिका का पूजन किया। भक्तों ने होलिका की परिक्रमा लगाईं। सार...
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