छपरा, अप्रैल 12 -- कटाव की मार, जहां यादें भी नदी में समा जाती हैं किसी के आंगन की मिट्टी खिसकती है, तो किसी की झोपड़ी आधी रात में नदी में समा जाती है न्यूमेरिक 55 किलो मीटर की दूरी पर जिला मुख्यालय से दूर है सोनपुर फ़ोटो 14 सोनपुर के सबलपुर दियारा में हुए कटाव से नदी में विलीन हो रहे खेत (फाइल फोटो) पेज चार की लीड छपरा, नगर प्रतिनिधि।रात के सन्नाटे में जब गंगा की आवाज़ बदलती है न, तब समझ जाइए कि कुछ अनहोनी होने वाली है.। यह कहते-कहते सबलपुर पछियारी टोला निवासी राजेश कुमार की आंखें भर आती हैं। वह नदी किनारे की ओर इशारा करते हैं,जहां कभी उनका आंगन था, आज वहां गंगा की तेज़ धार बह रही है। यहीं हमारा घर था. यहीं बच्चों का बचपन बीता. रुक-रुक कर कहते हैं,अब सब कुछ पानी में है।पास ही खड़ी सोनमती कुंवर अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताती हैं, हम कुछ सम...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.