सीवान, मार्च 23 -- पुरोहितों के अनुसार, 23 मार्च को खरना है रात पौने 9 बजे से पहले प्रसाद ग्रहण कर लेना है। 24 मार्च को संध्या में अर्घ्य 6 बजे संध्या में करना है। जबकि 25 मार्च को प्रातःकालीन अर्घ्य सुबह 6 बजे तक दिया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से बल, आरोग्य, समृद्धि और संतान सुख की प्राप्ति होती है। विशेष रूप से संतान की कामना करने वाली महिलाओं के लिए यह व्रत अत्यंत ही फलदायी माना गया है। इस पर्व को लेकर भक्तों में उत्साह देखा जा रहा है। घाटों की सफाई, पूजन सामग्री की खरीदारी और तैयारियों का दौर जारी है, जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया है।

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