सीतामढ़ी, जुलाई 9 -- प्रलयंकर सुरसंड। प्रखंड के पूर्वी क्षेत्र से होकर बहने वाली पहाड़ी नदी रातो उड़ाही व तटबंध निर्माण के अभाव में क्षेत्र के लिये अभिशाप बन गई है। नेपाल के पहाड़ी व जलग्रहण क्षेत्र में होने वाली बारिश के बाद नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है। नदी का पाट संकरा होने के कारण पानी विकराल रूप धारण कर आसपास के गांवों और खेतों में फैल जाता है। जिससे हर वर्ष भारी क्षति होती है।

स्थानीय जानकारी मिली जानकारी के अनुसार रातो नदी की उड़ाही और तटबंध निर्माण की जिम्मेदारी बागमती परियोजना को सौंपी गयी है। कई बार अधिकारियों द्वारा स्थल निरीक्षण और कार्य शुरू करने की कवायद की गयी, लेकिन अब तक निर्माण कार्य धरातल पर नहीं उतर सका है। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी और चिंता बनी हुई है। हर वर्ष बाढ़ के दौरान रातो नदी का सबसे अधिक असर श्रीखंड...