हमीरपुर, अप्रैल 13 -- राठ। कस्बे में अवैध लकड़ी का कारोबार खूब फलफूल रहा है। हरे भरे पेड़ों की कटाई खुलेआम की जा रही है। जबकि विभाग कोई कार्रवाई नहीं करता। खुद विभाग के एक कर्मचारी ने अधिकारियों पर लकड़ी बिकवाने के आरोप लगाकर जहर खाकर जान दे दी थी। शासन-प्रशासन के साफ निर्देश है कि जिले की लकड़ी बाहर नहीं जाएगी। लेकिन कस्बे में ट्रैक्टरों से लकड़ी लाकर डंप तक पहुंचाया जाता है। जहां से रातोंरात ट्रैकों में लादकर अन्य शहरों को भेजी जाती है। लकड़ियों से भरे ट्रैक्टर दिनभर फर्राटा भरते हैं। लेकिन ऐसे ट्रैक्टरों को कोई रोक-टोक नहीं होती। पर्यावरण सुधार के लिए शासन प्रत्येक वर्ष लाखों करोड़ों रुपया खर्च करती है। लेकिन लकड़ी माफिया छूट प्रजाति की आड़ में हरे भरे पेड़ों को काटकर मोटी रकम कमा रहे हैं।कुछ दिनों पहले चित्रकूट निवासी धनौरी पौधशाला में तैनात वन...
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