एटा, अगस्त 14 -- करीब बीस वर्ष पहले मारहरा छोड़ चुके राजकुमार सक्सेना की जब तबियत अधिक खराब हो गई तो वह गाजियाबाद पत्नी और बच्चों के पास जाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने कई समाजसेवियों को फोन कर संपर्क किया था हमें कैसे ही गाजियाबाद तक पहुंचा दो। उनके पहुंचने के लिए संसाधन नहीं जुट पाए। अंतिम समय तक वह प्रापर्टी को लेकर चिंतित थे कैसे ही इसका निपटारा हो जाए। करीब डेढ़ माह पहले जब उनका स्वास्थ्य अधिक खराब हो गया था तो उन्होंने अपने परिवार के पास जाने की इच्छा व्यक्त की थी। एंबुलेंस उपलब्ध कराने के लिए कई लोगों से कहा। जब लोगों ने पूछा कि गाजियाबाद में कहा जाओंगे तो कह दिया कि सीधे घर नहीं जाएंगे। पहले थाना पुलिस के पास जाना होगा। उसके बाद घर पर पहुंच पाएंगे। जब पुलिस की बात सामने आई तो लोगों ने अपने हाथ पीछे खींच लिए। मेडिकल कॉलेज से उन्हे...