रांची, जून 10 -- रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। वाणिज्यिक कर और अन्य पुराने कराधान अधिनियमों से जुड़े लंबित विवादों और बकाया कर राशि के स्थायी निपटारा को लेकर आम लोगों के लिए कर समाधान योजना, 2026 का प्रारूप जारी किया है। राज्य सरकार ने कहा है कि आम लोग 19 जून तक इस प्रारूप पर अपना सुझाव दे सकते हैं। प्रस्तावित विधेयक का नाम झारखंड कराधान अधिनियमों की बकाया राशि का समाधान विधेयक, 2026 रखा गया है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के लिए राजस्व जुटाना और करदाताओं को पुराने कानूनी मुकदमों और भारी-भरकम बकाए से राहत देना है। प्रस्तावित विधेयक के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति ने अपने रिटर्न में कर स्वीकार किया है लेकिन भुगतान नहीं किया, तो उसे स्वीकृत कर का 100% चुकाना होगा। यह भी पढ़ें- हिमाचल में शहरी दुकानदारों के लिए बड़ी राहत, 40 साल के लिए लीज का रास्ता, ...