नई दिल्ली, मई 10 -- सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। इसमें केंद्र और राज्य सरकारों को सरकारी नियंत्रण वाले मंदिरों में पुजारियों, सेवादारों और अन्य कर्मचारियों को दिए जाने वाले वेतन और अन्य लाभों की समीक्षा करने की मांग की गई है। साथ ही समीक्षा के लिए एक न्यायिक आयोग या विशेषज्ञ समिति गठित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। यह भी पढ़ें- राज्य नियंत्रित मंदिरों में पुजारियों के वेतन पर सुप्रीम कोर्ट में याचिकायाचिका का विवरण अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने यह जनहित याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है, याचिकाकर्ता ने यह घोषणा करने का भी अनुरोध किया है कि पुजारी और मंदिर के कर्मचारी वेतन संहिता, 2019 की धारा 2(के) के तहत कर्मचारी हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि एक बार जब सरकार मंदिरों के प्रशासनिक, आर्थिक और वित्तीय...