नई दिल्ली, जून 25 -- कांचीपुरम। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को कहा कि राज्य सरकारों को वित्तीय संसाधन सीमित होने की स्थिति में नकद वितरण जैसे राजस्व व्यय पर अत्यधिक निर्भर रहने के बजाय अपने कर्ज के पैसे का इस्तेमाल स्कूल और अस्पताल जैसे दीर्घकालिक पूंजीगत व्यय में करना चाहिए। सीतारमण ने कहा कि सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए लिया गया ऋण अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव डालता है और अगले 50 से 60 वर्षों तक रोजगार के अवसर पैदा करता है। कर्ज लेना कोई समस्या नहीं है, लेकिन आप उस कर्ज के पैसे का क्या करते हैं, यह मायने रखता है। क्या आप संपत्तियां बना रहे हैं? क्या उससे शिक्षा, उद्योग और रोजगार को बढ़ावा मिल रहा है? ध्यान इस पर होना चाहिए।

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