नई दिल्ली, मार्च 16 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। राज्यसभा चुनावों में भाजपा ने एक बार फिर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों में सेंध लगाकर उनकी कमजोरी को उजागर करने के साथ अपने बेहतर प्रबंधन को साबित किया है। बिहार और ओडिशा में उसने विपक्ष में सेंध लगाकर साफ कर दिया है कि विपक्षी खेमा अपने विधायकों को ही एकजुट करने में सक्षम नहीं है। इससे बिहार में राजद के उम्मीदवार और ओडिशा में बीजद व कांग्रेस के एक-एक उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा। हरियाणा में तीन विधायकों के मत को चुनौती देने से मामला अभी उलझा हुआ है।राज्यसभा की 37 सीटों के चुनाव में 26 सीटों के लिए निर्विरोध निर्वाचन हो गया था। केवल तीन राज्यों बिहार, ओडिशा और हरियाणा में सीटों से एक-एक उम्मीदवार ज्यादा होने से मतदान कराया गया। सोमवार को हुए मतदान के बाद बिहार और ओडिशा के नतीजे दे...
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