राजकुमार शर्मा लखनऊ, अक्टूबर 6 -- यूपी में राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा के घोषित प्रत्याशियों के नामों ने हर किसी को चौंका दिया है। सभी अटकलें एक तरह से धराशायी हो गई हैं। जिन नामों पर खूब चर्चा हो रही थी, उनमें से किसी को टिकट नहीं मिला है। सभी आठ चेहरों के जरिए कई सियासी संदेश देने का प्रयास किया गया है। नामचीन और भारी-भरकम चेहरों से इतर पार्टी ने संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं और संघ की पृष्ठभूमि वाले चेहरों को तरजीह दी है। इसे आगामी विधानसभा चुनाव में संघ और भाजपा के साझा कदमताल का संदेश भी माना जा सकता है। जिन चेहरों को दोबारा मौका नहीं मिला, पार्टी आने वाले दिनों में उनकी भूमिका में बदलाव कर सकती है।2024 के सबक और मिशन-2027 की छाप यूपी 2014 से लगातार भाजपा का मजबूत सियासी किला रहा है। पार्टी ने यहां ऐसी सोशल इंजीनियरिंग की कि 2017, 2019...