नई दिल्ली, मार्च 10 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। राज्यसभा में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को कहा कि पहले उद्योगों को पर्यावरण मंजूरी मिलने में लगभग 900 दिन यानी करीब तीन साल लगते थे, जबकि अब यह प्रक्रिया घटकर 90 दिन यानी लगभग तीन महीने रह गई है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव डिजिटलीकरण के कारण संभव हुआ है। यादव ने बताया कि वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के समय देश में संरक्षित क्षेत्रों की संख्या 757 थी, जो 2026 में बढ़कर 1134 हो गई है। इसी अवधि में संरक्षित क्षेत्रफल 1,68,838 वर्ग किमी से बढ़कर 1,87,162 वर्ग किमी हो गया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय उद्यानों की संख्या 103 से बढ़कर 106 और वन्यजीव अभयारण्यों की संख्या 539 से बढ़...
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