नई दिल्ली, मई 19 -- 'पिता को खोने का दुख क्या होता है, यह मैं अच्छी तरह जानती हूं... जब मैंने उन्हें खोया था, तो मैं अंदर से टूट गई थी और पूरी दुनिया से नाराज थी।' प्रियंका गांधी कई मौकों पर ये बात कह चुकी हैं। जब भी प्रियंका या राहुल गांधी अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या का जिक्र करते हैं, तो उनका यह दर्द छलक ही आता है। लेकिन इसी दर्द के साथ उन्होंने हमेशा यह भी साफ किया है कि उनके दिल में अपने पिता के हत्यारों के लिए कोई नफरत या क्रोध नहीं है। गांधी परिवार का यह व्यक्तिगत 'माफीनामा' और तमिलनाडु की वर्तमान राजनीति, आज एक ऐसे दिलचस्प और अजीबोगरीब चौराहे पर खड़े हैं, जहां धुर राजनीतिक विरोधाभास साफ नजर आता है। कल यानी 18 मई की घटना ने तमिलनाडु की राजनीति में एक नया और बेहद संवेदनशील अध्याय जोड़ दिया है। जिन 'थलापति' वि...