रामगढ़, जुलाई 20 -- रामगढ़, निज प्रतिनिधि महान समाज सुधारक और भारतीय पुनर्जागरण के अग्रदूत राजा राम मोहन राय से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेजों के संरक्षण के लिए रामगढ़ जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से सहयोग की अपील की है। वर्ष 1805-1806 के दौरान राजा राम मोहन राय ने रामगढ़ में दीवान (सरिस्तेदार) के रूप में कार्य किया था। इस अवधि के उनके हस्ताक्षरयुक्त दस्तावेज, अभिलेख, अन्य रिकॉर्ड ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और शोध की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। माननीय झारखंड उच्च न्यायालय अपने संग्रहालय (म्यूजियम) में इन बहुमूल्य ऐतिहासिक दस्तावेजों को शैक्षणिक, शोध और धरोहर संरक्षण के उद्देश्य से सुरक्षित रखकर प्रदर्शित करना चाहता है। इसके लिए जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि यदि उनके पास राजा राम मोहन राय के हस्ताक्षर वाले दस्तावेज, उनके ...