लखीसराय, मई 14 -- चानन, निज संवाददाता। कलयुग का अंतिम राजा के रूप में राजा परीक्षित थे। उनके गुनाहों की वजह से शृंगी ऋषि द्वारा श्र्राप दिया गया था। उक्त बातें श्यामा किशोरी जी महाराज द्वारा बट्टा रामपुर में आहूत सात दिवसीय भागवत कथा के दूसरे दिन कहीं।

भागवत कथा का आयोजन बट्टा रामपुर शिव मंदिर के प्रांगन में भागवत कथा चल रहा है। भागवत कथा में रोजना लोगों की भीड़ बढ़ रही है। कथावाचिका ने कहा कि महाभारत काल के एक प्रमुख राजा थे, जो अभिमन्यु और उत्तरा के पुत्र अर्जुन के पौत्र पांडवों के एक मात्र वंशज थे, उनका नाम कुरूवंष के क्षीण होने पर जन्म लेने के कारण पड़ा ओर उन्होंने कलियुग के आगमन के समय धर्म की स्थापना की, इसके बाद शुकदेव मुनी से श्रीमदभागवत कथा सुनकर मोक्ष प्राप्त किया, जिससें भागवत कथा सूनने की परंपरा शुरू हुई।

राजा परीक्षित का जीवन ...