राजा परीक्षित के प्रसंग से दिया भक्ति और वैराग्य का संदेश
बिजनौर, जून 2 -- हल्दौर। क्षेत्र के गांव चांदा नंगली में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ कथा श्रवण किया। कथा व्यास विमल दासानुदास महाराज ने राजा परीक्षित के जीवन प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य भगवान की भक्ति एवं आत्मकल्याण है।उन्होंने बताया कि जब राजा परीक्षित को यह ज्ञात हुआ कि उनके जीवन के केवल सात दिन शेष हैं, तब उन्होंने राजपाट और सांसारिक मोह-माया का त्याग कर श्रीमद्भागवत कथा का आश्रय लिया। शुकदेव जी महाराज से भागवत कथा का श्रवण कर उन्होंने मोक्ष का मार्ग प्राप्त किया। कथावाचक ने कहा कि संतों का सान्निध्य, सत्संग और प्रभु स्मरण मनुष्य के जीवन को सार्थक बनाते हैं। यह भी पढ़ें- राजा परीक्षित के प्रसंग से दिया भक्ति और वैराग्य का संदेश भगवान के नाम का स्मरण व...
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