सिद्धार्थ, नवम्बर 23 -- बिस्कोहर, हिन्दुस्तान संवाद। बिस्कोहर कस्बे के फूलपुर राजा में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शनिवार की रात अयोध्या से आए कथा वाचक आचार्य रामजस दास ने श्रद्धालुओं को राजा परीक्षित से संबंधित कथा सुनाई। कथा सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सत्य के मार्ग पर ही चलना चाहिए। उन्होंने बताया कि जब राजा परीक्षित को सात दिन में तक्षक सर्प डसने का श्राप लगा तो वह बड़ी प्रसन्नता के साथ अपने बड़े पुत्र जनमेजय को राजगद्दी सौंप कर जंगल में चले गए और वहीं पर अपनी मुक्ति का मार्ग खोजने लगे। राजा परीक्षित का शासन बहुत ही सुंदर था। जब महापुरुषों, ऋषियों व महात्माओं को पता चला की राजा परीक्षित को सात दिन में तक्षक डस लेगा तो वहां वशिष्ठ, परासर, व्यास आदि महापुरुष पहुंचे। सबने उनकी मुक्ति का प्रयास किया...
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