इटावा औरैया, मार्च 31 -- इटावा, संवाददाता। मुड़ेना मलहोसी गांव में स्थित हर हाथ कलम पाठशाला परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक ब्रजबिहारी महाराज वृंदावन ने श्रद्धालुओं को सुनीति-सुरुचि, राजा दक्ष व सुनीति और उत्तानपाद की कथा सुनाई।कथावाचक ने बताया कि सुनीति और सुरुचि के प्रसंग से हमें सदाचार, धैर्य और भक्ति का संदेश मिलता है। राजा दक्ष की कथा के माध्यम से अहंकार के दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सदैव सद्गुणों के मार्ग पर चलकर भगवान की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए।भागवत पंडाल में दुर्गेश नंदन जी महाराज की भी गरिमामय उपस्थिति रही। उन्होंने जीवन में सद्गुण अपनाने और भगवान की भक्ति में लीन रहने की प्रेरणा दी। कथा के दौरान परीक्षित के रूप में राधाकृष्ण यादव व उनकी पत्नी सुनीता यादव के साथ आयोजक रोहि...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.