देहरादून, सितम्बर 22 -- हरिद्वार। राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज में वन कर्मियों और फील्ड स्टाफ के लिए 'सर्प पहचान, प्राथमिक उपचार एवं सुरक्षात्मक उपाय' विषय पर एक दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण सह-संवेदनशीलता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य मानसून और गर्मी के दौरान सर्पदंश की घटनाओं की रोकथाम तथा वन कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा।

प्रशिक्षण का उद्देश्य वन्यजीव विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण में क्षेत्र में पाए जाने वाले प्रमुख विषैले सांपों किंग कोबरा, स्पेक्टेकल्ड कोबरा, कॉमन करैत और रसेल वाइपर के साथ-साथ विषहीन प्रजातियों धामन, अजगर और वुल्फ स्नेक की पहचान उनकी शारीरिक बनावट, रंग और व्यवहार के आधार पर कराई।

सुरक्षा उपाय गश्ती के दौरान सुरक्षा उपायों पर जोर देते हुए बताया गया कि रात में या घनी झाड़ियों में टॉर्च, गमबूट और सु...