गुड़गांव, जनवरी 7 -- कृष्ण कुमार, गुरुग्राम। विश्व प्रसिद्ध सुल्तानपुर नेशनल पार्क कभी अपनी खूबसूरती और रंग-बिरंगे विदेशी मेहमानों के लिए जाना जाता है। आज यह जलवायु परिवर्तन और मानवीय हस्तक्षेप की एक दुखद कहानी बयां कर रहा है। कभी हजारों की संख्या में यहां डेरा डालने वाले गुलाबी फ्लैमिंगो (राजहंस) और विशाल पेलेकन पक्षी पिछले तीन से चार वर्षों से यहां नजर नहीं आ रहे हैं। प्रदूषण और बढ़ते निर्माण कार्यों ने इस प्राकृतिक धरोहर के पारिस्थितिकी तंत्र को इतना बिगाड़ दिया है कि इन प्रवासी पक्षियों ने अब सुल्तानपुर से मुंह मोड़ लिया है। रिकॉर्ड के अनुसार, करीब चार साल पहले तक झील के दूसरे छोर पर फ्लैमिंगो की भारी मौजूदगी देखी जाती थी। यह पक्षी न केवल सुल्तानपुर की शोभा बढ़ाते थे, बल्कि पर्यटकों के लिए भी मुख्य आकर्षण होते थे। पक्षी प्रेमी पोल ने ...