पटना, फरवरी 25 -- राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों के निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने को कहा है। विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल की ओर से सभी समाहर्ताओं को पत्र भेजा गया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि आरसीएमएस/बिहारभूमि पोर्टल पर दायर मामलों की नियमित समीक्षा एवं प्रभावी पर्यवेक्षण किया जाए, ताकि आम नागरिकों को समयबद्ध न्याय मिल सके। प्रधान सचिव ने अपने निर्देश में कहा है कि राजस्व न्यायालयों में वादों की सुनवाई एवं आदेश पारित करते समय प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का अक्षरशः पालन किया जाना चाहिए। किसी भी व्यक्ति को सुने बिना दंडित नहीं किया जा सकता। प्रत्येक को अपना पक्ष रखने, साक्ष्यों का प्रतिवाद करने और निर्णय से पूर्व अपनी सफाई प्रस्तुत करने का पूरा अवसर मिलना च...
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